गरीब किसान के आशियाना में लगी आग, जलकर हुआ खाक, लगभग 2 लाख का हुआ नुकसान, फफक-फफक कर रोया पीड़ित किसान

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सिहावल। इन दिनों आग लगने का सिलसिला क्षेत्र में जोरों से है ऐसा ही एक हादसा हुआ गुरुवार की रात सीधी जिले के सिहावल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अमिलिया थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत तेंदुहा से सटे राजस्व ग्राम बिठौली में अज्ञात कारणों से किसान मौनीदास साकेत के घर में आग लग गई पीड़ित किसान ने बताया आग किस वजह से लगी है इसका पता नहीं चल पाया वही देखते ही देखते आग ने गरीब किसान के घर को पूरी तरह से जलाकर खाक कर दिया है।

ग्रामीणों ने किया प्रयास किंतु नहीं पा सके आग पर काबू: – पीड़ित किसान ने बताया है कि आग घर में गुरुवार की रात 8:00 बजे लगी तथा आग लगते ही गांव के सभी लोग एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास करने लगे किंतु आग इतनी भयावह थी कि ग्रामीणों के द्वारा किया गया प्रयास भी नाकाम साबित हुआ।

लगभग 2 लाख रुपए का हुआ नुकसान:-पीड़ित किसान बातचीत के दौरान बताया कि घर में रखी दैनिक उपयोग की सामग्री सहित कई कीमती चीजें जलकर राख हो गई है अब गरीब परिवार के पास रहने को घर नहीं है और वह इस हादसे के बाद काफी पीड़ित व परेशान है।

सरपंच प्रतिनिधि बने सहारा:- बता दें कि पीड़ित किसान मूलततेंदुहा पंचायत का निवासी है और वह पंचायत से सटे राजस्व ग्राम बिठौली में पहाड़ के किनारे घर बना कर रह रहा था तथा खेती किसानी के माध्यम से अपना जीविकोपार्जन कर रहा था। लेकिन सब कुछ समाप्त होने के बाद अब पीड़ित किसान का सहारा तेंदुआ पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि दीपक सिंह परिहार बने हैं जिनके द्वारा पीड़ित किसान को मूलभूत सुविधा प्रदान कर दी गई है तथा राजस्व विभाग एवं सरकार से आगे की कार्यवाही के लिए मांग की है।

क्षेत्र में नहीं है एक भी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था:-सिहावल क्षेत्र में एक भी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं होने से आग जैसी बड़ी घटनाओं पर काबू नहीं मिल पाता है और किसानों के घर खलिहान खेत फसल जलकर नष्ट हो जाते हैं, जनप्रतिनिधियों के द्वारा तमाम ढकोसला वादे किए गए हैं लेकिन वह वादे धरातल पर कब उतरेगी यह अभी किसी को पता नहीं है।

बातचीत के दौरान फफक-फफक कर रोने लगा किसान:- बातचीत के दौरान पीड़ित किसान मौनीदास साकेत बातचीत के दौरान रोने लगा तथा उसने कहा कि मेरे पास यही है घर था जो जलकर राख हो गया है अब मैं काफी परेशान हूं। चुनाव के समय पर जनप्रतिनिधि काफी लंबे चौड़े वादे करते हैं किंतु उनके वादे तब याद आते हैं जब पीड़ित किसान के यहां ऐसी घटनाएं घटती हैं। और जनप्रतिनिधि अपने वादे पर खरे नहीं उतरते हैं। अब देखना दिलचस्प यह होगा कि क्या जनप्रतिनिधि आगे आकर इस गरीब पीड़ित किसान परिवार को उचित मुआवजा भी दिलवाएंगे या  हवा-हवाई बातें करेंगे।

न्याय की उम्मीद लिए बैठा पीड़ित किसान मौनीदास साकेत👇

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