मुस्लिम प्रत्याशी को मिले 786, तो हिंदू को मिले 1001 वोट; दोनों लक कांग्रेस के साथ

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मुस्लिम प्रत्याशी को मिले 786, तो हिंदू को मिले 1001 वोट; दोनों लक कांग्रेस के साथ

रीवा नगर निगम में कांग्रेस को महापौर पद पर 24 साल बाद अजय मिश्रा बाबा के रूप में फतह मिली है। इसके पीछे का राज कुछ और है। कहते हैं कि जहां ईश्वर और अल्लाह का साथ हो, वह प्रत्याशी कभी नहीं हार सकता है।

कुछ इसी तरह 20 जुलाई को दोपहर आए रीवा के महापौर चुनाव के परिणामों को देखने के बाद हुआ है। यहां दो पार्षद पद के उम्मीदवारों ने लकी नंबरों से जीत दर्ज की है। मतलब साफ है, रीवा में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत में मंत्र और इबादत दोनों शामिल है।

वार्ड नंबर 45: यदुवंश के गंगा प्रसाद को 1001 वोट

हिंदुओं का लकी नंबर 1001 है। शास्त्रों में भी 1001 संख्या की बड़ा महत्व बताया गया है। कुछ इसी तरह का नंबर वार्ड क्रमांक 45 से पार्षद पद के उम्मीदवार गंगा प्रसाद यादव मिला है। यहां गंगा प्रसाद यादव को भगवान कृष्ण का साथ मिला और 1001 वोट पाने के बाद यदुवंश विजयी हो गए।

वार्ड नंबर 34: सूफिया बेगम को मिले 786 मत

मुस्लिमों का लकी नंबर 786 है। धर्म से जुड़े लोग इस अंक का खास महत्व समझते हैं। ऐसा ही नंबर वार्ड क्रमांक 34 से कांग्रेस की प्रत्याशी सूफिया बेगम का आया है। पार्षदी के चुनाव में सूफिया को 786 मत मिले है। जिससे भाजपा के निकटतम उम्मीदवार को लकी नंबर के दम पर हरा दिया है।

कांग्रेस में ननद और भाभी भी बनी पार्षद

रीवा नगर निगम के पार्षदी के चुनाव में ननद व भाभी भी पार्षद बनी है। तीनों कांग्रेस से ही निर्वाचित हुई है। परिषद में तीनों एक साथ जाएंगी भी और आएंगी भी। साथ ही ससुराल व मायके की खैर भी लेंगी। वार्ड 23 से रफीकुन शहनाज अंसारी व वार्ड क्रमांक 25 से जरीना बेगम ननद है। वहीं वार्ड क्रमांक 30 से भाभी रुकसाना पार्षद बनी है।

वार्ड नंबर 15: नीतू की सबसे बड़ी जीत

कांग्रेस की ओर से वार्ड क्रमांक 15 की उम्मीदवार नीतू पटेल ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। उनको कुल 2987 वोट मिले है। नीतू ने भाजपा की निकटतम उम्मीदवार सुशीला पटेल को मिले 1147 वोट कि बाद भी 1840 मत से हरा दिया है। ये रीवा नगर निगम के पार्षदी में सबसे बड़ी जीत है।

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