लखनऊ में हुए PUBG हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मां साधना सिंह की हत्या के पीछे PUBG गेम वजह नहीं थी

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लखनऊ में हुए PUBG हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मां साधना सिंह की हत्या के पीछे PUBG गेम वजह नहीं थी। ये थ्योरी पुलिस की गढ़ी हुई है। बेटा एक बड़े बिल्डर के घर में आने-जाने से परेशान था। उसने आसनसोल में तैनात अपने फौजी पिता को मां की बिल्डर से दोस्ती के बारे में बताया भी था।

पिता ने कहा, ‘मैं वहां होता तो बिल्डर और तुम्हारी मां, दोनों को गोली मार देता। अब जो तुम्हें समझ में आए वो करो।’ पिता से मिले इस इशारे के बाद बेटे ने मां की हत्या का तानाबाना बुन लिया। इस दौरान बिल्डर का घर में आना-जाना बना रहा। 4 जून की रात 16 साल के बेटे ने अपनी मां को गोली मार दी।

इसी कमरे में साधना की लाश मिली थी। बेटे ने मां को गोली मार दी थी।

कॉल रिकॉर्डिंग से बिल्डर और मां की दोस्ती सामने आई

इस हत्याकांड की जमीन एक साल पहले तैयार हुई थी। जब आरोपी बेटा अपने मामा के घर बनारस से लखनऊ वापस आया। उसने मां साधना के मोबाइल में कुछ कॉल रिकार्डिंग सुनी। इसमें उसकी मां किसी शख्स से बात कर रही थी। बेटे को अंदाजा हो गया कि पिता की बाहर पोस्टिंग होने की वजह से मां किसी दूसरे इंसान के करीब चली गई हैं।

एक बेटे के लिए ये बर्दाश्त करना थोड़ा मुश्किल हो गया। उसने आसनसोल में पिता नवीन को फोन करके ये बातें बताई। एक रिकॉर्डिंग भी उन्हें बतौर सबूत भेजी। ये वो घटनाक्रम था। जहां से पिता और मां के बीच झगड़े शुरू हुए। पिता नवीन के पूछे सवालों पर मां साधना जवाब नहीं दे पा रहीं थी।

साधना ने बिल्डर को डिनर पर बुलाया, रात भी रुका

निजी जिंदगी में बेटे का दखल और उसकी वजह से पति से दूरियां साधना को बर्दाश्त नहीं हुईं। वो बेटे को घर में नौकर की तरह रखने लगी। झाड़ू, पोछा से लेकर कपड़े साफ करने तक का बोझ बेटे पर डाल दिया। बेटा सब कुछ झेलता रहा, क्योंकि पिता नवीन की पोस्टिंग बहुत दूर आसनसोल में थी। मां की ये हरकतें बेटे के दिल मे नफरत भरती गईं। बेटा यह सब पिता को फोन पर बताता रहा।

मामले की हकीकत जानने के लिए नवीन ने कुछ महीने पहले बेटे और बेटी को एक रिश्तेदार के घर भेज दिया। साधना को अंदाजा नहीं हुआ कि ये उसकी परीक्षा चल रही है। बच्चों के जाने के बाद उसने उसी शाम बिल्डर को डिनर पर बुला लिया। रात में बिल्डर साधना के साथ ही रुका। साधना इस बात से बेखबर थी कि उस पर बेटे और पति दोनों की नजर है। इस वाकये के बाद साधना और नवीन के रिश्तों में दीवार खड़ी हो गई। बेटे के दिल में नफरत और बढ़ गई।

बिल्डर के बर्थडे गिफ्ट से शुरू हुई हत्या की प्लानिंग

साधना को लेकर बाप-बेटे में प्लानिंग चल रही थी। इसी बीच अक्टूबर में बेटे का बर्थडे आ गया। इस दिन बिल्डर बड़ा गिफ्ट लेकर घर आया। ये एक और मौका था, जब नवीन और उनके बेटे का शक पक्का हो गया। उस रात नवीन का साधना से फोन पर झगड़ा हुआ। ये वो घटनाक्रम था, जब बाप और बेटे के दिमाग में साजिश की शुरुआत हुई। जिसके तहत साधना का कत्ल किया गया।

पिता ने लखनऊ में पिस्टल चलाना सिखाया था

मुलाकात करने पहुंचे रिश्तेदार ने जब बेटे से पूछा, ‘पिस्टल चलाना कैसे सीखा?’ उसने जवाब दिया, ‘कुछ साल पहले पापा की पोस्टिंग राजस्थान में थी। तब सब वहीं रहते थे। हमारे क्वार्टर के पास फायरिंग रेंज थी। हर रोज रिहर्सल होता था। मैं फौजियों को गोली चलाते देखता था। जब हम लखनऊ आए तो पापा ने पिस्टल चलाना सिखाया था।’

पापा को आना था, लेकिन टिकट ही नहीं मिला

इस कहानी को आगे बढ़ाते हुए बेटे ने कहा, ‘3 जून को मां ने मुझे बहुत मारा था। मैंने पापा को फोन करके बताया। उसी दिन मैंने सोच लिया था कि मां को जिंदा नहीं रहना चाहिए। मैंने पापा को ये सब बताया। उन्होंने कुछ नहीं करने के लिए कहा। मैंने 4 जून की शाम तक उनका इंतजार किया। शाम को पापा का फोन आया। उन्होंने बताया कि ट्रेन का टिकट ही नहीं मिला। उसी रात मैंने मां के सिर में गोली मार दी।’

सौजन्य – दैनिक भास्कर

 

 

 

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