मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: छात्रों, किसानों और महिलाओं को मिलेगी राहत
Madhya Pradesh cabinet's big decisions will provide relief to students, farmers and women

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 1 अप्रैल 2025 को कैबिनेट बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें राज्य के विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। ये फैसले विशेष रूप से छात्रों, किसानों, कामकाजी महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों के हित में होंगे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन फैसलों की जानकारी दी और बताया कि राज्य सरकार शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, किसानों के कल्याण और परिवहन सेवाओं में बड़े सुधार कर रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव
राज्य के सीएम राइज स्कूल का नाम बदलकर सांदीपनि स्कूल कर दिया गया है।
इन स्कूलों की डिजाइन में भगवान श्रीकृष्ण की छवि भी शामिल होगी।
85 लाख छात्रों को अप्रैल माह में निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित की जाएंगी।
महिलाओं के लिए नई पहल
कामकाजी महिलाओं के लिए 224 करोड़ रुपये की सहायता केंद्र सरकार से प्राप्त हुई।
इस राशि से उद्योगिक क्षेत्रों में महिला हॉस्टल बनाए जाएंगे।
इससे 5,000 महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिलेगा।
किसानों के लिए राहत भरी खबर
गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,600 प्रति क्विंटल तय किया गया।
अब तक 14.76 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है।
8 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है।
गेहूं खरीदी केंद्रों की निगरानी के लिए प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं।
परिवहन क्षेत्र में बड़ा सुधार
सरकार स्वयं बसें नहीं खरीदेगी, बल्कि PPP मॉडल के तहत प्राइवेट ऑपरेटर्स द्वारा बसों का संचालन किया जाएगा।
एक होल्डिंग कंपनी बनाई जाएगी, जो बसों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करेगी।
आईटी आधारित टिकटिंग प्रणाली लागू होगी, जिससे टिकटों की बिक्री अधिक पारदर्शी होगी।
नई परिवहन योजना का नाम मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा रखा गया है।
इसके तहत कार्गो सेवा भी शुरू की जाएगी, जिससे व्यापारियों को लाभ मिलेगा।
अन्य प्रमुख फैसले
27 अप्रैल को इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें तकनीकी और उद्योग विशेषज्ञ भाग लेंगे।
जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून तक चलेगा, जिससे नदियों और जल स्रोतों का संरक्षण होगा।
सरकारी कर्मचारियों को 7वें वेतनमान के तहत बढ़ा हुआ भत्ता मिलेगा
मध्यप्रदेश सरकार के ये फैसले राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। खासकर छात्रों, किसानों और महिलाओं के लिए ये निर्णय आने वाले समय में बड़े बदलाव लेकर आएंगे।