रीवा में अग्रवाल नर्सिंग होम के खिलाफ शिकंजा:रक्त के अभाव में प्रसूता की मौत, मुर्दे को कर दिया था रेफर, अब संचालक सहित 4 लोगों पर FIR दर्ज

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रीवा में अग्रवाल नर्सिंग होम के खिलाफ शिकंजा:रक्त के अभाव में प्रसूता की मौत, मुर्दे को कर दिया था रेफर, अब संचालक सहित 4 लोगों पर FIR दर्ज

रीवा शहर के बहुचर्चित अग्रवाल नर्सिंग होम के खिलाफ विश्वविद्यालय पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। सूत्रों की मानें तो एक साल पहले प्रसूता की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट मिलने पर अग्रवाल नर्सिंग होम के संचालक डॉ. अरूण अग्रवाल, डॉ. निशा अग्रवाल, डॉ. ईशान अग्रवाल सहित मैनेजर राघवेन्द्र शुक्ला पर आईपीसी की धारा 336, 304ए प्रकरण दर्ज हो गया।

बता दें कि इस मामले को तब तत्कालीन कलेक्टर इलैयाराजा टी ने संज्ञान लिया था। उन्होने टीएल नंबर 679458 एलाट कर तत्कालीन सीएमएचओ से पूरे मामले की जांच कराई थी। साथ ही संयुक्त टीम के द्वारा दिए गए जांच प्रतिवेदन पर एसपी को एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र लिखा था। एसपी की गोपनीय जांच में भी अग्रवाल नर्सिंग होम द्वारा घोर लापरवाही मिली थी।

ये है मामला

विश्वविद्यालय थाना प्रभारी निरीक्षक जेपी ​पटेल ने बताया कि प्रशांत सिंह निवासी माड़ौ थाना बैकुंठपुर अपनी पत्नी विद्या सिंह का इलाज अग्रवाल नर्सिंग होम में करा रहे थे। 24 अक्टूबर 2020 को विद्या सिंह को नर्सिंग होम में भर्ती किए। तब तक स्वस्थ्य हालत में थी। साथ ही रात 1.42 बजे बेबी को जन्म दिया। लेकिन 3.30 बजे तक चिकित्कसों द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई। एक घंटे बाद पूछने पर कहा गया कि पत्नी की हालत बिगड़ गई है।

चिकित्सकों की लापरवाही से गई जान

पति को ​धोखे में रखकर नर्सिंग होम प्रबंधन ने आधी रात संजय गांधी अस्पताल ले जाने के लिए बोला। पर एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं कराई। साथ ही ट्रीटमेंट के कागजात तक नहीं दिए। किसी तरह पत्नी को कार में लेटाकर एसजीएमएच पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने नब्ज टटोलते ही मृत घोषित कर दिया। पीड़ित पति कलेक्टर के पास फरियाद लेकर पहुंचा। उसने दावा किया कि चिकित्सकों की लापरवाही से ही जान गई है।

कलेक्टर ने एडीएम के ​नेतृत्व में बनाई टीम

तब कलेक्टर ने टीएल नंबर एलाट करते हुए एडीएम इला तिवारी के ​नेतृत्व में टीम बनाई। जिसमे तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. एमएल गुप्ता, डीएचओ डॉ. एनएन मिश्रा, डॉ. प्रतिभा मिश्रा गायनेकोलॉजिस्ट जिला अस्पताल, डॉ. अनुराधा मिश्रा सहायक प्राध्यापक जीएमएच, सीएसपी एसएन प्रसाद और नायब तहसीलदार यतीश शुक्ला को संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजा था। जांच के दौरान नर्सिंग होम में मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा था।

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