समय से पहले बंद हो गया गेहूं खरीदी केन्द्र खुले में पड़ा लाखों का बारदाना, जिम्मेदारों को मतलब नहीं

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संवाददाता-अज्जू सोनी उमरिया पान ढीमरखेड़ा कटनी

समय से पहले बंद हो गया गेहूं खरीदी केन्द्र खुले में पड़ा लाखों का बारदाना, जिम्मेदारों को मतलब नहीं

ढीमरखेडा- हमेशा अपने कारनामों को लेकर चर्चा में रहने वाले सहकारिता विभाग का एक और नया मामला सामने आया है, जहां पर समय से पहले ही सेवा सहकारी समिति देवरी मंगेला के अंतर्गत आने वाले केन्द्र मंगेली में केन्द्र प्रभारी वीरेन्द्र गर्ग द्वारा केन्द्र बंद कर दिया गया है जबकि इस संबंध में कोई ऐसा आदेश जारी नहीं हुआ है ।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष जो दाम सरकार खरीदी केन्द्रों में दे रहे है वे दाम मंडी में मिल रहे है। लिहाजा किसान और व्यापारी मंडी में ज्यादा गेहूं का विक्रय कर रहे है लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता कि केन्द्र में कम किसान आ रहे तो केन्द्र बिना किसी आदेश के बंद कर दिया जाये। सूत्रों ने बताया कि इस वर्ष संबंधित केन्द्र में व्यापारी कम आ रहे है और ज्यादा कमीशन व्यापारियों द्वारा ही दिया जाता है। केन्द्र में किसान नहीं आने के कारण उक्त केन्द्र प्रभारी द्वारा अपनी मर्जी से केन्द्र को समय से पहले बंद कर दिया गया है। इस कारण से क्षेत्र के किसानों को मजबूरी में व्यापारियों को अपनी उपज विक्रय करनी पड़ रही है। 

लाखों का बारदाना पड़ा खुले में 

शासन के पैसों की बर्बादी किस तरह से होती है और किस तरह से करना है यह मंगेली केन्द्र में देखा जा सकता है। उक्त केन्द्र में लाखों रुपया का बारदाना खुले में पड़ा हुआ है और दूसरी तरफ पानी गिरना शुरु हो गया है लेकिन संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इससे मतलब हीं नही है। सरकार का पैसा है बर्बाद होने दो। वहीं सूत्रों ने बताया कि सरकार द्वारा जो जूट वाला बारदाना उपलब्ध करवाया जाता है उसमें 1 बोरी की कीमत लगभग 60 रुपये होती है लेकिन जिम्मेदारों को इससे मतलब नहीं है। वहीं दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि इस वर्ष हमें फायदा नहीं हुआ तो शासन का घाटा करवाना है लेकिन मामला जो भी हो शासन के पैसों की बर्बादी सामने देखी जा सकती है।  

कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी से नहीं संभल रहे क्षेत्र

स्मरण रहे कि ढीमरखेड़ा क्षेत्र में पदस्थ कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी राजभर साकेत के कार्यकाल में अधिकारी-कर्मचारी बेलगाम होते जा रहे है और इनके द्वारा खुद ही लापरवाहीपूर्वक कार्य करते हुये अपने अधिनस्थों को बढ़ावा दिया जा रहा है। अभी कुछ दिन पूर्व ही कलेक्टर के द्वारा कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी राजभर साकेत को सीएम हेल्पलाईन में घोर लापरवाही बरतने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है लेकिन इस नोटिस जारी होने के बाद भी इनकी कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ है और जब पिछले दिनों पिपरिया सहलवान सेल्समैन द्वारा संबंधित सोसायटी में सुरेन्द्र साहू को नियुक्त किये जाने के संबंध में बात की गई तो इस मामले में भी उक्त महोदय संबंधित कर्मचारी के पक्ष में बचाव की मुद्रा में आकर खड़े हो गये और इन्होने ऐसा कोई भी कार्य नहीं होने की बात कहीं। जबकि इसी मामले को लेकर पिछले दिनों ग्रामीणों और उक्त तथाकथित सुरेन्द्र साहू के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई थी। लिहाजा क्षेत्र में इस बात की चर्चा सरगर्म हो गई है कि उक्त कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी राजभर साकेत से क्षेत्र नहीं संभल रहा है यहां पर किसी अन्य अधिकारी की पदस्थापना की जाये।

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