सम्राट अशोक के शासनकाल का गवाह देउर कोठार:MP के रीवा में है 2 हजार वर्ष पुराना बौद्ध स्तूप, 5 हजार साल पहले के प्राचीन शैलचित्रों की श्रृंखला

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सम्राट अशोक के शासनकाल का गवाह देउर कोठार:MP के रीवा में है 2 हजार वर्ष पुराना बौद्ध स्तूप, 5 हजार साल पहले के प्राचीन शैलचित्रों की श्रृंखला

रीवा जिले का देउर कोठार सम्राट अशोक के शासनकाल का गवाह है। यह दो दशकों से बौद्ध अनुयायियों के लिए आस्था का केन्द्र बना हुआ है। पुरात्वात्विक जानकारों का दावा है कि यहां 2 हजार वर्ष पुराने बौद्ध स्तूप और 5 हजार वर्ष प्राचीन शैलचित्रों की श्रृंखला मौजूद है। देउर कोठार NH-30 के प्रयागराज-रीवा मार्ग में कटरा से महज 10 किलोमीटर के भीतर देउर नामक पहाड़ पर स्थित है। जो जिला मुख्यालय से 70 KM की दूरी पर है।

देऊर कोठार
▪️देऊर कोठार

इतिहासकारों ने बताया कि देउर कोठार स्थान 1980 से 1982 के बीच चर्चा में आया था। यह स्तूप सम्राट अशोक के शासनकाल में ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी के निर्मित हैं। यहां मौर्य कालीन मिट्टी ईट के बने 3 बड़े स्तूप और 46 छोटे स्तूप हैं। देउर कोठार में सतना जिले के भरहुत से अधिक प्राचीन स्तूप है। दावा है कि बौद्ध धर्म के अनुयायियों का विंध्य क्षेत्र में शिक्षण केन्द्र था। इसके प्रमाण भी देउर कोठार में मिलते है।

सदियों पहले था कौशाम्बी-उज्जैनी अवन्ति मार्ग

बौद्ध भिक्षुओं का मानना है कि अशोक युग के दौरान विंध्य क्षेत्र में बौद्ध धर्म का व्यापक प्रचार-प्रसार हुआ था। तब भगवान बुद्ध के अवशेषों को वितरित कर स्तूपों का निर्माण किया गया। यह क्षेत्र कौशाम्बी से उज्जैनी अवन्ति मार्ग तक जाने वाला दक्षिणापक्ष का व्यापारिक मार्ग था। इसी वजह से बौद्ध के अनुयायिओं ने यहां पर स्तूपों का निर्माण किया होगा।

वर्ष 1999-2000 में हुई स्तूपों की खोज

देउर कोठार के स्तूपों की खोज वर्ष 1999-2000 में हुई। तब खुदाई के दौरान तोरणद्वार के अवधेश, मौर्य कालीन ब्राही लेख के अभिलेख, शिलापट्ट स्तंभ और पात्रखंड मिले थे। पुरातत्व विभाग के अध्ययन में पता चला है कि यह स्तूप भरहुत, सांची के समान ही विशाल और विकसित रहा होगा। इतना ही नहीं यहां हजारों वर्ष पुराने छोटी बड़ी कई गुफायें है।

पहाड़ से दिखता है त्योंथर क्षेत्र का सुंदर नजारा

त्योंथर क्षेत्र के युकां नेता रावेन्द्र तिवारी ने बताया कि देउर कोठार रीवा और प्रयागराज के मध्य चर्चित पर्यटन केन्द्र है। यहां लोकल कम, बाहर के लोग ज्यादा आते है। पहाड़ के ऊपर से त्योंथर क्षेत्र का सुंदर नजारा दिखता है। इसी दृश्य को मोबाइल फोन में कैद करने दूर-दराज से पर्यटक चले आते है। यहां कई छोटे-बड़े झरने है। जो खूबसूरती को चार-चांद लगाते है।

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