20 घंटे तक बोरवेल में जिंदा रहा था कर्नाटक का सात्विक, रीवा के मयंक को पूरे हो रहे 40 घंटे, विंध्यवासिनी करेगी चमत्कार

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Rewa News Today : मध्य प्रदेश के रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के मनिका गांव में एक 6 वर्ष का मासूम अचानक खेलते खेलते बोरवेल के गड्ढे में गिर गया इस हादसे के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और एसडीआरएफ एनडीआरएफ सहित आठ जेसीबी मशीन बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी किया गया इसके बाद मध्य प्रदेश शासन के भी निर्देश जारी किए गए, 40 घंटे बीत जाने के बाद भी मयंक का कुछ अता-पता नहीं चल सका। अब ऐसा माना जा रहा है कि 40 घंटे तक मयंक का बोरवेल के अंदर जीवित रहना बहुत मुश्किल है मां विंध्यवासिनी ही चमत्कार कर सकती है

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20 घंटे तक जीवित रहा कर्नाटक का सात्विक

4 अप्रैल 2024 को कर्नाटक के विजयपुर जिले के तालुका के लाचना गांव में खेलते खेलते अचानक बोरवेल में 3 वर्ष का मासूम गिर गया था। जिसके राहत बचाव कार्य में 20 घंटे से भी अधिक का समय लग गया था। जब वह बोरवेल से निकला था तो बिल्कुल पूरी तरह स्वस्थ और जीवित था। सभी ने उसके बचने की उम्मीद खो दी थी लेकिन, सात्विक बिना खाए पिए जीवित रहा इस मामले को देखकर डॉक्टर भी हैरान हो गए थे और सभी का कहना था कि करिश्मा से बढ़कर कुछ भी नहीं

मयंक को मिलेगा मां विंध्यवासिनी का आशीर्वाद

40 घंटे से भी अधिक बोरवेल में फंसे रहने के बाद हर किसी की उम्मीदें कमजोर हो जाती हैं। इतना वक्त बिना ऑक्सीजन खाना पानी के जीवित रहना कोई चमत्कार से कम नहीं होता, हालांकि मयंक को लेकर अभी कुछ खास जानकारी सामने नहीं आई है कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि मयंक की मृत्यु हो गई होगी तो कुछ लोगों का मानना है की मां विंध्यवासिनी कोई चमत्कार करेगी

लगातार रेस्क्यू जारी

मयंक के बोरवेल में गिरने के बाद 40 घंटे तक लगातार प्रशासन के द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी किया गया है। लगातार बोरवेल के अंदर से मिट्टी और पानी को निकाला जा रहा है कई तरह की अड़चनों का सामना करने के बाद लगातार प्रशासन आगे बढ़ रहा है लेकिन मयंक को लेकर कोई भी सफलता हाथ नहीं लग रही ऐसे में अब धीरे-धीरे उम्मीदें भी दम तोड़ती नजर आ रही है पर जब तक उम्मीद है तब तक सांसे हैं इसी उम्मीद के साथ रेस्क्यू किया जा रहा है

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