MP News: मध्य प्रदेश उच्चन्यालय में पहुंचा पति – पत्नी का अजीबोग़रीब मामला, फिर जज ने लिया हैरान करने वाला फैसला

MP News today: मध्य प्रदेश के ग्वालियर पीठ में गुरुवार को एक हैरान कर देने वाली याचिका के लिए सुनवाई हुई, ग्वालियर शहर में रहने वाली एक महिला ने अपने पति पर आरोप लगाते हुए याचिका दायर की जिसमे उल्लेख किया गया कि दूर की ननद ने अपने साथ रखा हुआ है। इसके बाद युवक को कोर्ट में पेश किया गया तो उसने बताया कि उसकी पत्नी उसे मारती थी

0

MP News Hindi: हाई कोर्ट के समक्ष गुरुवार को एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया जिस पर सुनवाई हुई ग्वालियर शहर में रहने वाली एक महिला ने ऐसा आरोप लगाते हुए याचिका दायर की जिसमे उसके पति को उसकी दूर की ननंद ने अपने साथ रखा हुआ है। ननद उसके पति को वापस आने ही नहीं दे रही इसके बाद गुरुवार को युवक कोर्ट के समक्ष पेश हुआ

न्यायालय ने जब पति से पूछा कि आखिर यह मामला क्या है तो पति ने जवाब देते हुए कहा कि उसकी पत्नी बेबुनियादी आरोप लगा रही है वह जिस लड़की के साथ रह रहा है वह रिश्ते में उसकी बहन लगती है. युवक ने आगे बताया कि उसकी पत्नी उससे मारपीट भी करती थी. इसलिए मर्जी से अलग रह रहा हूं दोनों पक्षों के सुनने के बाद न्यायालय ने आखिरकार याचिका को ही रद्द कर दिया

महिला ने लगाया पुलिस पर आरोप

प्रत्यक्षीकरण याचिका पर एक और अन्य बंदी पर न्यायालय ने सुनवाई की जिसमें महिला ने पुलिस के ऊपर अपने ही बेटे को अवैध कस्टडी बताते हुए आरोप लगाया था। स्टेटस रिपोर्ट में पेश हुई तो सामने आया कि याचिकाकर्ता महिला का एक बेटा बैंक में कार्य करता है और वह वहां से गवन करके भाग गया था। जिसे खोजने के लिए उसके दूसरे बेटे की सहायता से जगह-जगह पर छापेमारी की गई जिसके वजह से उसके साथ रखा गया था दो दिन में जैसे ही छापेमारी की प्रक्रिया पूरी हुई युवक को उसके परिजनों को लौटा दिया गया

बेटी को बहला कर ले गया मेरा दामाद – याचिकाकर्ता

दूसरी तरफ एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में पत्नी महिला ने ऐसा आरोप लगाया कि मेरी एक बेटी को उसका जीजा यानी कि दामाद बहला फुसलाकर कर ले गया है पुलिस ने युवती को गुजरात से बरामद कर उच्च न्यायालय के सामने पेश किया तो बेटी ने बताया कि वह अपनी मर्जी के साथ रह रही थी लड़की बालिग थी इसलिए न्यायालय ने उसे उसकी मर्जी से रहने का आदेश देते हुए आज का को खारिज किया

Leave A Reply

Your email address will not be published.