13 ट्रक गेंहू गायब होने पर जिला प्रबंधक सस्पेंड, जाने क्या है पूरा मामला

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MP News : मध्य प्रदेश के सतना जिले में किसानों को गेहूं खरीदी में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। अब इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से एक बड़ा कदम उठाया गया है। खरीद में गड़बड़ी के आरोप में जिला प्रबंधक अमित गौड़ को निलंबित कर दिया गया है। मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक गेहूं संग्रहण के दौरान 13 ट्रक गेहूं गायब होने के मामले में जांच के बाद FIR दर्ज की गई और अब राज्य सरकार ने संज्ञान लिया है।

गोदाम तक न पहुंचने के बावजूद भी पेपर पास

13 मई को कारीगोही से 2,360 क्विंटल के आठ ट्रक गेहूं और 1,500 क्विंटल के पांच ट्रक गेहूं की ढुलाई की गई थी, लेकिन वे गोदाम तक नहीं पहुंचे। वहीं सर्वेक्षकों द्वारा ट्रकों को पास कर दिया गया और किसानों को निगम के आपूर्ति केन्द्रों से स्वीकृति पत्र जारी कर भुगतान कर दिया गया। सर्वेक्षकों को सीएमएमएस पोर्टल पर जिला प्रबंधक लॉगिन से पंजीकृत किया गया। ऐसे में जिला प्रबंधक अमित गौर ने सर्वेयरों के पंजीयन में पर्याप्त सावधानी नहीं बरती और ट्रकों से गेहूं गोदामों में जमा किया जाता रहा।

कैसे चल रहा है यह अवैध तरीके से खेल ?

यह पूरा खेल अधिकृत क्रय केंद्र द्वारा अवैध तरीके से किया जाता है। शुरुआत में इस केंद्र से 13 ट्रक गेहूं खरीदा गया और परिवहन के लिए तैयार किया गया। इसके बाद इन ट्रकों को टीसी काटकर कोटर तहसील के लखनवा स्थित एमपी वायर हाउसिंग के गोदाम में जमा करने के निर्देश दिए गए। इन ट्रकों के संग्रहण स्थल से गोदाम तक पहुंचने से पहले ही खेल शुरू हो जाता है। आदेश में बदलाव कर टीसी गोदाम को गोदाम से रेलवे रैक प्वाइंट पर डायवर्ट कर दिया गया है। लेकिन कागज़ात एक कण तक पहुंचे बिना ही छुड़ा लिए गए। गोदाम से रैक प्वाइंट तक ले जाया गया गेहूं कागज के रूप में रेलवे रैक प्वाइंट तक पहुंचता है।  यह फर्जी गेहूं नान के सर्वेक्षक द्वारा अनुमोदित है।

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