Sanjay Tiger Reserve में मां की ममता कौन है मशहूर और जंगल में क्या करती ?

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Sanjay Tiger Reserve : संजय टाइगर रिजर्व की बाघिन टी-28 मां की ममता का प्रतीक बन गई है। जो बहन टी-18 की मृत्यु के बाद तीन अनाथ शावकों की संरक्षक बनी है। वह उन्हें बड़ा किया और अब अपने चारों बच्चों को खूब प्यार दे रही हैं। रिश्ते का यह बंधन तब और भी खास हो जाता है जब ये बड़े हो चुके बच्चे अब अपने छोटे भाई-बहनों के साथ मस्ती करते हैं।

मां की ममता के जंगल में कौन है मशहूर ?

मां की इस प्रेम कहानी को सुनकर हर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाता है। मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक संजय टाइगर रिजर्व में ट्रेन की चपेट में आने से बाघिन टी-18 की मौत हो गई थी। इसके बाद टी-28 तीन अनाथ शावकों के सहारे के तौर पर चर्चा में है। वे अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें जंगल में बसाते हैं। उन्होंने अपना क्षेत्र बना लिया है। यहां निगरानी के लिए जवानों को तैनात किया गया है।

बाघिन टी-28 संजय टाइगर रिजर्व में क्या करती है ?

बाघिन टी-28 मां बनने के बावजूद बहुत अच्छा महसूस कर रही है। ये वयस्क शावकों के साथ शिकार करने के अलावा जंगल में एक-दूसरे के साथ खड़े भी नजर आती हैं। अन्य बाघ उन पर हमला नहीं कर सकते, यह उन्हें रक्षा तकनीक सिखाती है ताकि वे जंगल का कुशलतापूर्वक नेतृत्व कर सकें। जंगल में करीब तीन महीने पहले बाघों की संख्या 21 थी, जो अब आधा सैकड़ा से अधिक देखे जाते हैं। इनमें वयस्कों के अलावा किशोर, शावक भी शामिल हैं।

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